Last updated: October 12th, 2026 at 04:47 pm

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलने की चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा वापस मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित तारीख या समयसीमा नहीं बताई। अठावले ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्र के विकास और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी और अमित शाह के वादे का किया जिक्र
श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के प्रमुख रामदास अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे से अवगत हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अठावले के मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के कारण विकास परियोजनाओं या फंड के आवंटन पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने की अपील भी की।
अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर क्या बोले अठावले?
केंद्रीय मंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर भारतीय संविधान के पूर्ण दायरे में आ गया। उन्होंने दावा किया कि इससे क्षेत्र को कई संवैधानिक प्रावधानों और योजनाओं का लाभ मिला है।
अठावले ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात में सुधार हुआ है, हालांकि कुछ चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने विकास योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
पहलगाम हमले और पाकिस्तान पर भी साधा निशाना
रामदास अठावले ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस घटना के जवाब में कदम उठाए हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवाद का समर्थन बंद करने की अपील की और कहा कि उसे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
अठावले ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक हित दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों की राह में बाधा बनते हैं।
विकास के लिए केंद्र से मदद का भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायता देने को तैयार है। उन्होंने अपनी पिछली यात्राओं का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न जिलों का दौरा किया है और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के लिए उनसे बातचीत जारी रखी है।
फिलहाल, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर अठावले का बयान सामने आया है, लेकिन बहाली की तारीख या औपचारिक प्रक्रिया के बारे में इस बयान में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
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