Last updated: October 12th, 2026 at 04:44 pm

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया और उड़ानों पर भी असर पड़ा।
मृतकों में कई देशों के नागरिक शामिल
GACA के बयान के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों ने हमले के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया।
इस घटना के कुछ घंटों बाद सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की सूचना सामने आई। यमन में वैध सरकार का समर्थन करने वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित
हवाई अड्डे पर हमले के बाद उड़ानों का संचालन बाधित हुआ। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रियाद एयरपोर्ट से कम से कम 291 उड़ानें रद्द की गईं।
इससे पहले एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस जैसी विमानन कंपनियां भी सुरक्षा परिस्थितियों के मद्देनजर रियाद और सऊदी अरब के दूसरे हवाई अड्डों के लिए उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा चुकी थीं।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने उन यात्रियों को संबंधित देशों में स्थित सऊदी दूतावासों या राजनयिक मिशनों से संपर्क करने की सलाह दी है, जो उड़ानों में व्यवधान के कारण अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों से हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने को कहा।
हूती विद्रोहियों के हमलों से बढ़ी चिंता
यह हमला सऊदी अरब के हवाई अड्डों और नागरिक उड्डयन सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की कई घटनाओं के बीच हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले रियाद और आभा एयरपोर्ट पर हुए हमलों में भी लोगों की जान गई थी। रियाद एयरपोर्ट पर एक हमले में सऊदी पायलट कैप्टन हमूद अली अल-कलथामी की मौत की जानकारी भी दी गई थी।
यूरोपीय संघ की एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी सुरक्षा सलाह में बदलाव किया था। एजेंसी ने चेतावनी दी कि मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ उन्हें रोकने की कोशिशों से नागरिक विमानों की गलत पहचान होने का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, अलग-अलग घटनाओं और हमलों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण विमानन कंपनियां सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने का दावा
यमन में वैध सरकार का समर्थन करने वाले गठबंधन ने शुक्रवार को हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने और 130 से अधिक ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया। सऊदी अरब पर हाल के हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के प्रमुख जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने हूतियों को रोकने के लिए कड़े अंतरराष्ट्रीय कदम उठाने की मांग की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी नागरिकों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की।
संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि अब्दुलअज़ीज़ अल-वासिल ने सुरक्षा परिषद से कहा कि उनका देश यमन को सऊदी अरब पर हमलों या लाल सागर में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने का ठिकाना नहीं बनने देगा।
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