Last updated: July 26th, 2026 at 12:44 pm

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चनामबम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दूसरा पदक जीत लिया। पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ भारत के पदक अभियान को भी नई मजबूती मिली।
फाइनल मुकाबले में ऋषिकांत ने स्नैच राउंड में 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 143 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। हालांकि वह अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन दोनों राउंड में कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल करने में सफल रहे।
इस स्पर्धा में मलेशिया के अनिक कासदान ने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि केन्या के जोशुआ मबोया ने 255 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
मणिपुर के इम्फाल वेस्ट के रहने वाले ऋषिकांत सिंह भारतीय सेना से जुड़े हैं और पिछले कुछ वर्षों में लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था, जिसके दम पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया।
ऋषिकांत ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने 60 किलोग्राम भारवर्ग में खुद को स्थापित किया और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में जगह बनाई।
ग्लासगो में मिला यह सिल्वर मेडल उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भी वह भारत के लिए पदक जीतने के मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
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