Last updated: July 26th, 2026 at 12:27 pm

नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में कोलकाता में हुए प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमलों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल वास्तविक छात्र इन घटनाओं में शामिल नहीं थे और हिंसा करने वाले लोगों की पहचान अलग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता में आयोजित विरोध प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद थे, लेकिन मीडिया कर्मियों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी कई प्रदर्शनकारियों ने इन घटनाओं से खुद को अलग बताया है।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट उन्हें पुलिस प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई है। उनके अनुसार, जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हिंसा के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों पर हमले की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। अब तक कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों का छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं पाया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द पूरी सच्चाई सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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