Last updated: April 16th, 2026 at 11:21 am

बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने सचिवालय का निरीक्षण भी किया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया कि बिहार के विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए और प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और कामकाज में अनावश्यक देरी की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के हर स्तर—मुख्यालय से लेकर प्रखंड और थाना तक—लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए।
भूमि विवादों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकांश विवाद जमीन से जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों के निपटारे को सरल और तेज बनाया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में विकास की मजबूत नींव रखी गई है। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए ‘सात निश्चय’ योजनाओं और अन्य विकास कार्यक्रमों को तेजी से लागू करना प्राथमिकता होगी।
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करें, ताकि बिहार को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाया जा सके। नए मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
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