Last updated: June 20th, 2026 at 03:43 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी कैबिनेट के तीन वरिष्ठ मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। इन मंत्रियों को अब विधानसभा और विधानमंडल सत्रों के दौरान अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों और विधायी कार्यों के जवाब देने के लिए अधिकृत किया गया है।
किन मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार भाजपा और जेडीयू कोटे के तीन वरिष्ठ मंत्रियों को यह जिम्मेदारी दी गई है।
– वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और सिविल विमानन विभाग से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने का अधिकार दिया गया है।
– जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी गृह विभाग से जुड़े सवालों और ध्यानाकर्षण सूचनाओं का जवाब देंगे।
– नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा को निगरानी विभाग और निर्वाचन विभाग से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने की जिम्मेदारी दी गई है।
आधिकारिक पत्र के जरिए आदेश
मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव अंजनी कुमार द्वारा संसदीय कार्य विभाग को भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है कि आगामी विधानमंडल सत्रों में संबंधित विभागों के सवालों का जवाब देने के लिए इन मंत्रियों को अधिकृत किया गया है।
विधानसभा में बढ़ेगी कार्यकुशलता
सरकारी स्तर पर लिए गए इस फैसले का उद्देश्य विधानसभा सत्रों के दौरान कार्यकुशलता बढ़ाना और विभागीय सवालों का समय पर जवाब सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। अब संबंधित मंत्री अपने-अपने विभागों से जुड़े सभी विधायी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस सूची में शामिल मंत्री नीतीश मिश्रा बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे पहले भी विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग का दायित्व मिला है, जिसके तहत राज्य में शहरी विकास और नई टाउनशिप परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक मजबूती और बेहतर समन्वय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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