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संजय राउत का बड़ा दावा- 2029 में बनेगी नई सरकार, बोले- ‘दिल्ली जाकर पहला जूता मैं मारूंगा’

चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को केंद्र
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चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने दावा किया कि 2029 में देश में नई सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश के साथ कथित तौर पर बेईमानी की है, उनके खिलाफ मुकदमे चलेंगे और उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

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    ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

    संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि उन्हें यह बताना होगा कि उन पर किसका दबाव था और कथित तौर पर क्या डील हुई थी। राउत ने यह भी कहा कि अगर इसका जवाब नहीं दिया गया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

    राउत ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को दोहराते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि आयोग के सभी अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

    राहुल गांधी के ‘अप्रूवर’ वाले बयान का समर्थन

    राउत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उस मांग का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार से ‘अप्रूवर’ बनने और कथित दबाव के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था। राहुल गांधी ने 24 सितंबर को CEC के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।

    राउत ने राहुल गांधी को ‘दयावान’ बताते हुए कहा कि वह राष्ट्रहित में ज्ञानेश कुमार को अपनी बात सामने रखने का मौका देना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और वोटों की कथित चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए।

    जंतर-मंतर प्रदर्शन का भी किया जिक्र

    संजय राउत ने हाल में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि देश में लोगों की जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में युवाओं की भागीदारी रही और विपक्षी दलों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन किया।

    CEC ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विवाद के बीच विपक्षी दलों की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मत बताते हुए आंतरिक मतभेदों से जुड़े आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण दिया है।

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