Last updated: July 9th, 2026 at 06:08 am

शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान वह पिछले 11 दिनों से अनशन पर हैं। डॉक्टरों द्वारा जारी ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया है कि उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक घट चुका है, हालांकि फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उनका रक्तचाप बैठने की स्थिति में 103/68 और लेटने की स्थिति में 111/73 दर्ज किया गया। वहीं, हृदय गति 74 प्रति मिनट, ब्लड शुगर 75 और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत दर्ज किया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल उनके शरीर में पानी की कमी नहीं है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं।
यह अनशन कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार हो रही परीक्षा गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
इस बीच, आंदोलन से जुड़े संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक अकाउंट से जुड़ी कानूनी राहत का भी स्वागत किया है। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा शामिल है।
उधर, प्रदर्शन स्थल पर अन्य छात्र संगठनों के सदस्य भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। आंदोलनकारी सरकार से जल्द सकारात्मक पहल की उम्मीद जता रहे हैं, जबकि डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।
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