Human Live Media

HomeNewsलद्दाख लौटे सोनम वांगचुक, बोले- अच्छे काम की सराहना और गलत फैसलों का विरोध दोनों जरूरी

लद्दाख लौटे सोनम वांगचुक, बोले- अच्छे काम की सराहना और गलत फैसलों का विरोध दोनों जरूरी

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कश्मीर दौरे से लौटने के बाद अपने गांव से एक वीडियो संदेश जारी किया।
01_10_2024-sonam_wangchuk_2_23808068

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कश्मीर दौरे से लौटने के बाद अपने गांव से एक वीडियो संदेश जारी किया। सिंधु नदी के किनारे रिकॉर्ड किए गए इस संदेश में उन्होंने सरकार से आंदोलन के दौरान किए गए लिखित वादों को जल्द पूरा करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी आश्वासन का महत्व तभी है, जब उसे समय पर लागू किया जाए।

Table of Contents

    वांगचुक ने आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें सरकार की ओर से उचित सहायता और मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

    उन्होंने भारतीय रेल की तारीफ को लेकर हुई आलोचनाओं पर भी अपनी बात रखी। वांगचुक ने कहा कि कश्मीर तक रेल नेटवर्क पहुंचाना देश के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है, इसलिए उसकी सराहना करना किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इसरो या कोई अन्य संस्था देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल करती है, तो उसकी भी प्रशंसा की जानी चाहिए।

    अपने संदेश में उन्होंने लोगों से संतुलित सोच अपनाने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अच्छे कार्यों की खुलकर सराहना और गलत नीतियों का तथ्यात्मक विरोध, दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी राजनीतिक विचारधारा के अंध समर्थक बनने के बजाय सही और गलत का निष्पक्ष आकलन करने का आग्रह किया।

    सोनम वांगचुक ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब समाज सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करे और कमियों पर भी बेझिझक आवाज उठाए। उनके अनुसार, रचनात्मक आलोचना और सकारात्मक सोच ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।

    Loading

    Comments are off for this post.