Last updated: May 11th, 2026 at 04:42 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी से निलंबित किए गए पूर्व प्रवक्ता ऋजु दत्ता ने शीर्ष नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ऋजु दत्ता ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई स्थानीय नेताओं पर भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लंबे समय से लगते रहे, जिससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ी। उनका कहना है कि पंचायत और नगर निकाय स्तर पर जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ती थी।
महिलाओं और संगठन को लेकर भी उठाए सवाल
पूर्व प्रवक्ता ने दावा किया कि सिर्फ सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाओं का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि कई मामलों में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की छवि कमजोर हुई, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।
टिकट वितरण और संगठन पर आरोप
ऋजु दत्ता ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पार्टी में टिकट देने को लेकर पारदर्शिता की कमी थी और कुछ मामलों में पैसों की मांग तक की जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव रणनीति को लेकर बाहरी सलाहकारों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया गया, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई।
हार के बाद बढ़ी नाराजगी
हाल के दिनों में पार्टी के कई पूर्व और मौजूदा नेताओं द्वारा नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि चुनावी हार के बाद टीएमसी के भीतर अंदरूनी असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि, ऋजु दत्ता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने का इरादा नहीं है।
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