Last updated: July 4th, 2026 at 03:47 am

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी विवाद अब नए चरण में पहुंच गया है। शुक्रवार को कोलकाता के मेट्रोपोलिटन इलाके में स्थित पार्टी कार्यालय पर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने अपना दावा जताते हुए कार्यालय का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का दावा किया।
मौके पर कई विधायक और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कार्यालय परिसर में नए नेतृत्व के समर्थन में बोर्ड लगाए गए, जबकि पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी की तस्वीरों और अन्य प्रतीकों को यथावत रखा गया। विद्रोही गुट का कहना है कि वे ममता बनर्जी का सम्मान करते हैं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
ऋतब्रत गुट का दावा है कि पार्टी के बड़ी संख्या में विधायक, पूर्व मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। उनका कहना है कि संगठन पर उनका वैध अधिकार है और इसी आधार पर कार्यालय का संचालन किया जा रहा है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी समर्थक नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम का विरोध किया है। पार्टी नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि कार्यालय पर कब्जे की कार्रवाई प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कराई गई है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर बढ़ता यह विवाद आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और न्यायालय तक पहुंच सकता है। ऐसे में संगठन, चुनाव चिन्ह और पार्टी से जुड़े अन्य अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई की संभावना भी बढ़ गई है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सभी की निगाहें तृणमूल कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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