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अमित शाह ने कहा, भारत का स्पोर्ट्स विज़न सिर्फ़ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है

अहमदाबाद में शुरू होगी वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026; 19 देशों के 108 से ज़्यादा पैरा एथलीट हिस्सा लेंगे  
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अहमदाबाद में शुरू होगी वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026; 19 देशों के 108 से ज़्यादा पैरा एथलीट हिस्सा लेंगे

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    अहमदाबाद, 4 सितंबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत की खेल से जुड़ी उम्मीदें सिर्फ़ मेडल जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका मकसद ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में मज़बूत और ज़्यादा प्रतिस्पर्धी मौजूदगी बनाना है।

     

    शाह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अहमदाबाद में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्चरी इवेंट 5 से 9 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।

     

    भारत का लक्ष्य ग्लोबल स्पोर्ट्स हब बनना है

     

    गृह मंत्री ने कहा कि सरकार भारत को आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग और ट्रेनिंग सुविधाओं, खेल के सामान के निर्माण, स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स मेडिकल साइंस के लिए एक ग्लोबल हब बनाने की दिशा में काम कर रही है।

     

    शाह ने कहा, “भारत का लक्ष्य सिर्फ़ सबसे ज़्यादा मेडल जीतना नहीं है, बल्कि ओलंपिक, एशियाई खेलों और पुलिस खेलों जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी ताकत बढ़ाना है।”

     

    उन्होंने एथलीटों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित करने के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि आर्चरी प्रतियोगिता की मेज़बानी करने वाले स्पोर्ट्स सेंटर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।

     

    शाह के अनुसार, इस सुविधा में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग सेंटर के रूप में विकसित होने की क्षमता है, जिससे भारतीय एथलीटों के साथ-साथ दूसरे देशों के खिलाड़ियों को भी फ़ायदा होगा।

     

    स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल सुविधाओं पर बड़ा ज़ोर

     

    शाह ने कहा कि भारत स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स मेडिकल साइंस में भी उल्लेखनीय प्रगति करने के लिए तैयार है, जिसमें खेल से जुड़ी चोटों से पीड़ित एथलीटों के लिए विशेष इलाज और रिहैबिलिटेशन शामिल है।

     

    उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और एथलीट ट्रेनिंग में अपनी बढ़ती क्षमताओं के साथ-साथ देश खेल से जुड़ी चोटों के इलाज और रिहैबिलिटेशन के लिए एक महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

     

    गृह मंत्री ने खेल के सामान के घरेलू निर्माण को मज़बूत करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत में इस क्षेत्र में एक प्रमुख ग्लोबल प्रोडक्शन सेंटर बनने की क्षमता है।

     

    ‘चैंपियन समर्पण और दृढ़ संकल्प से बनते हैं’

     

    खेल में उत्कृष्टता हासिल करने में प्रतिबद्धता की भूमिका पर ज़ोर देते हुए शाह ने कहा कि चैंपियन सिर्फ़ कोचिंग और अभ्यास से नहीं बनते।

     

    उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन, समर्पण, दृढ़ संकल्प और सफल होने की इच्छाशक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये गुण ही एक चैंपियन की यात्रा की नींव बनाते हैं। शाह ने सभी हिस्सा लेने वाले एथलीटों को शुभकामनाएं दीं और इस इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए दुनिया भर से आए खिलाड़ियों का भारत में स्वागत किया।

     

    19 देशों के पैरा एथलीट हिस्सा लेंगे

     

    ‘वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026’ में 19 देशों के 108 से ज़्यादा पैरा एथलीट एक साथ आएंगे। यह उन्हें मुकाबला करने और अपनी काबिलियत दिखाने के लिए एक इंटरनेशनल मंच देगा।

     

    इसमें भूटान, बांग्लादेश, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया और अमेरिका जैसे कई देशों के एथलीट शामिल होंगे।

     

    शाह ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से एथलीटों का आना भारत की पारंपरिक सोच “वसुधैव कुटुंबकम” — यानी दुनिया एक परिवार है — को दिखाता है।

     

    उन्होंने भरोसा जताया कि यह इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट हिस्सा लेने वाले एथलीटों और अहमदाबाद शहर, दोनों के लिए एक यादगार मौका होगा।

     

    पैरा आर्चरी के लिए ग्लोबल मंच

     

    उम्मीद है कि ‘वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026’ दुनिया भर के पैरा तीरंदाजों (आर्चर्स) के हुनर और जज़्बे को सबके सामने लाएगी। यह इवेंट एथलीटों को इंटरनेशनल लेवल पर मुकाबला करने, कीमती अनुभव हासिल करने और खेल में अपनी बेहतरीन काबिलियत दिखाने का मौका भी देगा।

     

    अहमदाबाद में इस प्रतियोगिता का आयोजन ग्लोबल स्पोर्ट्स मैप पर भारत की स्थिति को मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम है, साथ ही इससे पैरा एथलीटों के लिए ज़्यादा मौके और पहचान भी बढ़ेगी।

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