Last updated: October 19th, 2026 at 06:25 am

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुगम दर्शन पास की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु दर्शन की निर्धारित तारीख से 90 दिन पहले तक पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहले यह सुविधा अधिकतम 15 दिन पहले तक उपलब्ध थी। इसके साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन जारी किए जाने वाले ऑनलाइन पास की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
ट्रस्ट के अनुसार, ऑनलाइन सुगम दर्शन पास की दैनिक संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से दर्शन का अवसर देना और दूर-दराज के शहरों से आने वाले लोगों को यात्रा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है। श्रद्धालु अब पहले से रेल टिकट, आवास और स्थानीय यात्रा की योजना बना सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत अग्रिम पास सात चरणों में उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। श्रद्धालुओं को दर्शन की तारीख से 90 दिन, 62 दिन, 30 दिन, 14 दिन, सात दिन, तीन दिन और एक दिन पहले आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, दर्शन वाले दिन तत्काल पास जारी करने की व्यवस्था भी रखी गई है। इस चरणबद्ध प्रक्रिया से उन लोगों को भी मौका मिल सकता है, जो पहले से यात्रा की योजना नहीं बना पाते हैं।
ट्रस्ट ने ऑनलाइन बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए सत्यापन आधारित प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया है। अग्रिम पास के लिए आवेदन करने के बाद उसकी पुष्टि तुरंत नहीं होगी। तकनीकी सत्यापन के बाद सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर आवेदक को पास जारी करने संबंधी निर्णय की सूचना दी जाएगी। केवल आवेदन कर देने से पास मिलने की गारंटी नहीं होगी। वहीं, दर्शन वाले दिन जारी किए जाने वाले तत्काल पास की पुष्टि तत्काल किए जाने का प्रावधान है।
इस बदलाव के पीछे ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी एक प्रमुख उद्देश्य है। ट्रस्ट ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिससे स्वचालित माध्यमों से होने वाली अनुचित बुकिंग और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा सके। इससे वास्तविक श्रद्धालुओं को पास प्राप्त करने में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं। इसके लिए किसी व्यक्ति, एजेंट या बिचौलिए को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति दर्शन पास दिलाने के नाम पर शुल्क मांगता है, तो श्रद्धालुओं को सतर्क रहना चाहिए और संबंधित शिकायत आधिकारिक माध्यम से दर्ज करानी चाहिए। ट्रस्ट बुकिंग प्रणाली को सुरक्षित बनाने के साथ शिकायतों के निस्तारण के लिए भी व्यवस्था मजबूत कर रहा है।
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इसके क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। ट्रस्ट के अनुसार, ऑनलाइन पास की बढ़ी हुई दैनिक संख्या का लाभ मिलना शुरू हो गया है, जबकि चरणबद्ध बुकिंग और सत्यापन संबंधी तकनीकी बदलाव आवश्यक परीक्षण के बाद क्रमशः लागू किए जाएंगे।
अयोध्या राम मंदिर में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों, छुट्टियों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ बढ़ने से यात्रा और दर्शन की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में अग्रिम बुकिंग की अवधि बढ़ने से दूसरे राज्यों और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे पास के लिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक बुकिंग पोर्टल पर उपलब्ध नियमों और निर्देशों की जांच करें। आवेदन की स्थिति और पास की पुष्टि होने के बाद ही यात्रा से जुड़ी अंतिम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना बेहतर रहेगा। ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
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