Last updated: October 19th, 2026 at 06:23 am

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बदलते मौसम के बीच डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बीते 24 घंटों में जिले में डेंगू के तीन और मलेरिया का एक नया मरीज मिला है। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित लोगों की जांच के दौरान इन संक्रमणों की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, मच्छरों से बचाव करने और बुखार होने पर समय पर जांच कराने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डेंगू से संक्रमित पाए गए मरीजों में फरीदपुर क्षेत्र के बक्सरिया गांव का 16 वर्षीय किशोर, बदायूं जिले के दातागंज की 38 वर्षीय महिला और आंवला क्षेत्र के मऊ चंदपुर का 16 वर्षीय किशोर शामिल हैं। इन मरीजों को कई दिनों से बुखार की शिकायत थी। परिजनों ने उनकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई।
जानकारी के मुताबिक, बक्सरिया गांव निवासी किशोर को 16 अक्टूबर की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, दातागंज निवासी महिला को भी तेज बुखार के कारण 16 अक्टूबर की देर रात अस्पताल लाया गया। जांच रिपोर्ट में दोनों के डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 17 अक्टूबर को मऊ चंदपुर निवासी एक अन्य किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे डेंगू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।
इसी दौरान सीबीगंज क्षेत्र के एक 38 वर्षीय मरीज की जांच में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम यानी पीएफ मलेरिया की पुष्टि हुई। यह मलेरिया का एक गंभीर प्रकार है, जिसमें समय पर उपचार नहीं मिलने पर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बुखार के साथ कंपकंपी, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को जल्द चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह के अनुसार, नए मामलों के सामने आने के बाद बरेली जिले में डेंगू के मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
डेंगू और मलेरिया दोनों मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके फैलने के तरीके और जिम्मेदार मच्छरों की प्रजातियां अलग-अलग होती हैं। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय भी काट सकता है। वहीं, मलेरिया फैलाने वाला एनोफिलीज मच्छर प्रायः रात के समय अधिक सक्रिय रहता है। इसलिए बचाव के लिए केवल रात में मच्छरदानी लगाना पर्याप्त नहीं है; दिन और रात दोनों समय मच्छरों के काटने से बचना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों, टंकियों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखना चाहिए। पूरी बाजू के कपड़े पहनना, मच्छर भगाने वाले सुरक्षित उत्पादों का इस्तेमाल करना और घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
लगातार बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द, कंपकंपी या कमजोरी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डेंगू का संदेह होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।
बरेली में नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए जरूरी है कि जांच, उपचार और रोकथाम संबंधी गतिविधियां लगातार जारी रहें। नागरिकों की सतर्कता और समय पर चिकित्सा सहायता से संक्रमण की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।
![]()
Comments are off for this post.