Last updated: September 27th, 2026 at 03:28 pm

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक युवक के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। अकराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में 24 सितंबर को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, युवक ने शिकायत दर्ज कराई है और सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अविवाहित युवक है और उसके अपनी बहन के ससुराल पक्ष के परिवार की एक विवाहित महिला से कथित संबंध होने की बात सामने आई थी। इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों ने युवक को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसका आधा सिर और दाढ़ी मुंडवाने तथा उसे पेड़ से बांधने की बात शिकायत में कही गई है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि युवक को पेड़ से बांधने के बाद कथित तौर पर जबरन पेशाब पिलाया गया। घटना से जुड़ा एक वीडियो 25 सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियों और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ मारपीट और अमानवीय व्यवहार से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। कुछ अज्ञात लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए उनकी पहचान के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना अकराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई, जो अलीगढ़ शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर बताया गया है। घटना के बाद वीडियो सामने आने से मामला सार्वजनिक हुआ। इसके बाद पीड़ित थाने पहुंचा और पुलिस को अपनी शिकायत दी। पुलिस ने डिजिटल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
इस मामले में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि घटना के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान, पीड़ित का बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति पर किसी तरह का संदेह होने की स्थिति में भी कानून अपने हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट या अमानवीय व्यवहार करना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकता। मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो प्रसारित होने के कारण मामला तेजी से चर्चा में आया। ऐसे मामलों में वीडियो को बिना सत्यापन के आगे साझा करने से पीड़ित की पहचान और जांच दोनों प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस द्वारा वीडियो के मूल स्रोत और उसकी परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा घटना के पूरे क्रम की जांच कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और सभी आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है।
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