Human Live Media

HomeNewsआजमगढ़ में जामवंत यादव गैंग पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, 32 मुकदमों वाला आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ में जामवंत यादव गैंग पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, 32 मुकदमों वाला आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पुलिस ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक कुख्यात गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
palsa-ka-garafata-ma-thana-aarapa_a4144e9a8a2999af307a9f2d0e1ca89a

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पुलिस ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक कुख्यात गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जामवंत यादव उर्फ जमुना के गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार जामवंत यादव और उसके साथियों पर लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसी कार्रवाई के तहत गैंगस्टर एक्ट में वांछित उसके साथी हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Table of Contents

     

    पुलिस के मुताबिक जामवंत यादव के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर और वाराणसी में भी मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। कुल मिलाकर उसके खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इसी आपराधिक इतिहास और गिरोह की गतिविधियों को आधार बनाकर गैंगचार्ट तैयार किया और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई।

     

    इसी मामले में पुलिस को हीरालाल यादव की भी तलाश थी। पुलिस के अनुसार वह गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित था। तरवां पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की और जेल भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

     

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हीरालाल यादव के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। एक पुराने मामले में उस पर मिट्टी उठाने के विवाद के दौरान एक व्यक्ति के घर पहुंचकर गाली-गलौज और अवैध हथियार से फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले की विवेचना के दौरान जामवंत यादव के कब्जे से .315 बोर का तमंचा बरामद होने की बात भी पुलिस ने कही है।

     

    जामवंत यादव से जुड़े आपराधिक मामलों में वाराणसी का एक लूट का मामला भी शामिल बताया गया है। पुलिस के अनुसार 28 अप्रैल 2025 को मिर्जामुराद थाने में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान जामवंत यादव के साथ कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। इसके बाद उनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने गैंगचार्ट तैयार किया और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

     

    गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे गिरोहों पर कानूनी दबाव बढ़ाना है, जिन पर लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई में पुलिस गिरोह से जुड़े मामलों, आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनकी गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करती है। इसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलती है।

     

    आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गिरोह की गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं और अलग-अलग आपराधिक मामलों के बीच क्या संबंध है। साथ ही पुलिस की नजर उन लोगों पर भी हो सकती है जो कथित तौर पर गिरोह को किसी तरह की मदद या संसाधन उपलब्ध कराते रहे हों।

     

    पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। गंभीर आपराधिक मामलों में नाम सामने आने के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी होता है।

     

    हीरालाल यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। जामवंत यादव और उसके गिरोह से जुड़े मामलों की जांच तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    Loading

    Comments are off for this post.