Last updated: September 6th, 2026 at 03:40 pm

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में रविवार को बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। हिरनी गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में दबने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिता और उनकी तीन बेटियां शामिल हैं। हादसे में परिवार की एक अन्य बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है।
पुलिस के अनुसार हादसा रविवार सुबह हुआ। उस समय परिवार के सभी पांच सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। लगातार हो रही बारिश के बीच कच्चे मकान की संरचना कमजोर हो गई और अचानक उसका एक हिस्सा ढह गया। कुछ ही पलों में परिवार के पांचों सदस्य मलबे के नीचे दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और पुलिस तथा प्रशासन को घटना की सूचना दी। बाद में पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान में तीन दमकल वाहन और आपदा राहत उपकरणों से लैस एक मोबाइल डिजास्टर रिस्पॉन्स वाहन लगाया गया। करीब दो घंटे की कोशिश के बाद मलबे में दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला गया और सभी को इलाज के लिए पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर मुकेश कुमार और उनकी बेटियों के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मृत बेटियों की उम्र अलग-अलग थी। एक बेटी की उम्र करीब 17 वर्ष, दूसरी की 7 वर्ष और तीसरी की 5 वर्ष बताई गई है। परिवार की बड़ी बेटी काजल गंभीर रूप से घायल हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल भेजा गया है।
हादसे के बाद परिवार और गांव के लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठाए। परिवार के एक रिश्तेदार तेज बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि मकान गिरने के बाद परिवार की ओर से स्थानीय पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन शुरुआती समय में मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि पुलिस और राहत दल के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने खुद मलबा हटाने की कोशिश शुरू कर दी थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बाद उपचार में देरी हुई क्योंकि उस समय वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन ने घटना के बाद राहत कार्य और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को मृतकों के परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और घायल काजल का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायल युवती के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
प्रशासन अब मकान गिरने के वास्तविक कारण की जांच कर रहा है। शुरुआती तौर पर लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की संरचना कमजोर होने की बात सामने आई है, लेकिन अधिकारियों ने अभी हादसे की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। यह भी जांच का विषय है कि मकान की स्थिति पहले से कितनी खराब थी और क्या परिवार को किसी तरह की सुरक्षा चेतावनी दी गई थी।
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