Last updated: September 6th, 2026 at 03:24 pm

दिल्ली के वेलकम इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में 15 साल के किशोर की मौत हो गई, जबकि उसका जुड़वा भाई घायल हो गया। दोनों भाई एक किराए के कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक छत का सीमेंट प्लास्टर उनके ऊपर गिर पड़ा। हादसे के बाद घायल दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक किशोर को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायल जुड़वा भाई का इलाज चल रहा है और पुलिस के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे की है। दोनों भाई उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में एक इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित किराए के कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। प्लास्टर और मलबे की चपेट में आने से दोनों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन एक किशोर की जान नहीं बचाई जा सकी। उसके जुड़वा भाई को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छत का प्लास्टर अचानक क्यों गिरा। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों की ओर से यह जांच की जा रही है कि इमारत की संरचना में पहले से कोई कमजोरी थी या हाल की बारिश के कारण छत प्रभावित हुई थी।
हादसे ने उस समय एक और गंभीर मोड़ ले लिया जब पुलिस को मृत किशोर के पास से पांच कारतूस मिले। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग के पास ये कारतूस कैसे पहुंचे और उनका स्रोत क्या था। किशोर की उम्र को देखते हुए पुलिस ने उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कारतूस किसी अन्य व्यक्ति से जुड़े हैं या किशोर के पास वे किसी अन्य वजह से पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच दो अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। पहला पहलू छत का प्लास्टर गिरने से हुई मौत और घायल होने की घटना से जुड़ा है। दूसरा पहलू मृत किशोर के पास मिले कारतूसों से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं।
स्थानीय स्तर पर इस हादसे के बाद मकान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली के कई पुराने और किराए के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए भवन की स्थिति और नियमित रखरखाव एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे हादसे यह सवाल खड़ा करते हैं कि किराए की इमारतों में रहने वाले परिवारों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवनों की समय-समय पर जांच कितनी जरूरी है।
पुलिस ने बताया कि घायल किशोर का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद है, क्योंकि कुछ ही पलों में एक जुड़वा भाई की मौत हो गई और दूसरा अस्पताल पहुंच गया। हादसे के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छत का प्लास्टर किस वजह से गिरा और क्या भवन में पहले से कोई संरचनात्मक समस्या मौजूद थी।
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