Last updated: July 10th, 2026 at 03:54 pm

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हुई भारी बारिश के बाद दिल्ली सरकार ने हालात की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सरकार ने शहर में जलभराव, ट्रैफिक जाम और नागरिक सुविधाओं को लेकर सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में शहर के उन इलाकों की विशेष समीक्षा की गई जहां भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर जल निकासी के लिए अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं तथा नालों की सफाई का काम तेज कर दिया गया है। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां फिलहाल रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जलभराव वाले इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस को वैकल्पिक मार्गों का संचालन करने और लोगों को समय पर यातायात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि दिल्ली-एनसीआर में मानसून अभी सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर संरचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी संभावित खराब मौसम को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर में हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है। उनका मानना है कि केवल आपातकालीन उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक स्तर पर बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, नियमित नालों की सफाई और शहरी नियोजन में सुधार की आवश्यकता है। यदि इन क्षेत्रों में समय रहते निवेश किया जाए तो भविष्य में ऐसी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भारी बारिश का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी देखने को मिला। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक धीमा रहा और कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने बस सेवाओं और अन्य सार्वजनिक परिवहन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी शुरू की है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम और ट्रैफिक संबंधी आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानसून के पूरे मौसम में सभी विभाग हाई अलर्ट पर रहेंगे और किसी भी शिकायत के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्य करेगा। अधिकारियों का कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो सरकार स्थिति की लगातार समीक्षा करती रहेगी, ताकि राजधानी के नागरिकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।
![]()
Comments are off for this post.