Last updated: July 19th, 2026 at 03:32 pm

राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और मानसून के मद्देनज़र जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने संबंधित एजेंसियों के साथ संयुक्त निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और यातायात पुलिस के अधिकारियों ने विभिन्न जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी स्थिति में प्रमुख सड़कों पर लंबे समय तक जलभराव नहीं होना चाहिए और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान आईटीओ, मिंटो ब्रिज, रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, नजफगढ़, द्वारका, रोहिणी, लाजपत नगर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली और वर्षा जल निकासी प्रणाली का निरीक्षण किया। जहां कहीं भी अवरोध या तकनीकी समस्या मिली, उसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
दिल्ली सरकार ने कहा कि मानसून के दौरान सभी नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। प्रत्येक विभाग को त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) तैयार रखने को कहा गया है ताकि जलभराव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पानी निकासी का कार्य शुरू किया जा सके। इसके अलावा बड़े पंप, जेसीबी मशीनें और अन्य आवश्यक उपकरण भी संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध कराए गए हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख नालों की सफाई का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है और शेष स्थानों पर भी अभियान जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बारिश के दौरान कम से कम असुविधा हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य देखें। जिन मार्गों पर जलभराव की संभावना हो, वहां वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों को लगातार अपडेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान केवल नालों की सफाई से संभव नहीं है। इसके लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, वर्षा जल संचयन, नियमित रखरखाव और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उनका कहना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए राजधानी में दीर्घकालिक जल निकासी योजना पर भी काम करने की जरूरत है।
दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों को मानसून के पूरे मौसम में हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए लगातार निगरानी एवं निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
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