Last updated: July 19th, 2026 at 03:29 pm

बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ₹25,000 करोड़ की औद्योगिक विकास योजना के क्रियान्वयन में तेजी ला दी है। सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करना, नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की प्रगति, निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने संबंधित विभागों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, लॉजिस्टिक्स और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर औद्योगिक ढांचा तैयार होने से देश और विदेश की कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी विशेष प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है, ताकि स्थानीय उद्यमियों को अधिक अवसर मिल सकें।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, औषधि निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा औद्योगिक पार्क, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक हब विकसित करने की दिशा में भी कार्य तेज किया गया है। सरकार का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करना है।
बैठक में निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उद्योग स्थापित करने से संबंधित स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा में जारी की जाएं और ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सरकार का कहना है कि निवेशकों को पारदर्शी और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लागू होती है, तो बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन कम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार आधारभूत ढांचे में सुधार और उद्योगों को मिलने वाली सुविधाएं निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रमों को भी इस योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी विशेष प्रोत्साहन देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
बिहार सरकार ने सभी संबंधित विभागों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने और निवेश परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का विश्वास है कि यह औद्योगिक विकास योजना राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी, निवेश बढ़ाएगी और आने वाले वर्षों में बिहार को एक मजबूत औद्योगिक एवं रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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