Last updated: September 18th, 2026 at 02:36 pm

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार, 18 सितंबर को मतदान हो रहा है। विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में छात्र अपने प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए वोट डाल रहे हैं। इस बार कुल 1,51,842 छात्र मतदान के लिए पात्र हैं। मतदान को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतगणना और परिणामों की घोषणा 19 सितंबर को निर्धारित है।
मतदान दो चरणों में कराया जा रहा है। सुबह की पाली वाले कॉलेजों के छात्रों के लिए मतदान सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक रखा गया है, जबकि शाम की पाली वाले कॉलेजों के छात्र दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोट डाल सकते हैं। अलग-अलग समय निर्धारित करने का उद्देश्य कॉलेजों की पाली के अनुसार छात्रों को मतदान का अवसर देना है।
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया के लिए 158 पोलिंग बूथ और 12 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। चुनाव में 1,100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें 830 बैलेट यूनिट और 281 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी लगाया गया है।
इस साल DUSU के केंद्रीय पैनल की चार प्रमुख सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद शामिल हैं। इन चार पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। अलग-अलग छात्र संगठनों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने इन पदों पर अपनी दावेदारी पेश की है।
चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA)-स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) गठबंधन समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इस बार चुनाव के दौरान सुरक्षा और आचार नियमों को लेकर भी प्रशासन और न्यायपालिका की निगरानी बनी हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित उल्लंघनों और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामलों पर अधिकारियों से जवाब मांगा है। अदालत ने परिणाम आने के बाद विजय जुलूस और ढोल-नगाड़ों जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई है।
मतदान के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर और आसपास के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। छत्र मार्ग, प्रोबिन रोड और यूनिवर्सिटी रोड समेत कुछ रास्तों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त, मोटरसाइकिल टीम और पीसीआर वाहनों की तैनाती की है। कुछ स्थानों पर अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी रखी गई है।
चुनाव के दौरान छात्रों की सुरक्षा और मतदान केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की टीमें कॉलेजों में प्रवेश और निकास, छात्रों की आवाजाही तथा मतदान केंद्रों के आसपास की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
अब सभी की नजर 19 सितंबर की मतगणना पर रहेगी। मतदान समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा और अगले दिन मतगणना की जाएगी। चारों केंद्रीय पदों के परिणाम आने के बाद DUSU के नए पदाधिकारियों की तस्वीर साफ होगी।
18 सितंबर को छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन शांतिपूर्ण मतदान कराने की व्यवस्था में जुटा है। परिणाम किस उम्मीदवार के पक्ष में जाता है, इसका फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
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