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बाराबंकी में ब्लैकमेलिंग से परेशान 18 वर्षीय युवती की मौत, 15 हजार रुपये के भुगतान की भी जांच

  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मोबाइल फोन पर कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान 18 वर्षीय युवती की मौत का मामला
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मोबाइल फोन पर कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान 18 वर्षीय युवती की मौत का मामला सामने आया है। बदोसराय क्षेत्र के एक गांव में बुधवार देर रात युवती का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। परिवार का आरोप है कि युवती को मोबाइल पर लगातार धमकियां दी जा रही थीं और अश्लील तस्वीरें प्रसारित करने की बात कहकर उससे पैसे मांगे जा रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और युवती के मोबाइल फोन तथा पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

     

    परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले युवती के मोबाइल पर कई व्हाट्सऐप कॉल आई थीं। उसके भाई का आरोप है कि फोन करने वाला व्यक्ति युवती को कथित तौर पर धमका रहा था। उससे कहा जा रहा था कि उसकी तस्वीरें प्रसारित कर दी जाएंगी और पुलिस कार्रवाई में उसे फंसा दिया जाएगा। इन धमकियों के कारण युवती काफी परेशान थी।

     

    पुलिस की जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिवार के अनुसार, युवती ने घटना से पहले गांव के एक जनसेवा केंद्र के माध्यम से 15 हजार रुपये का डिजिटल भुगतान किया था। यह रकम एक व्यक्ति के यूपीआई खाते में भेजे जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पैसा किस खाते में गया, खाता किसके नाम पर है और भुगतान किन परिस्थितियों में किया गया था।

     

    परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, 15 सितंबर को भी युवती के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। उसके भाई ने कथित तौर पर कॉल रिसीव की थी। परिवार का आरोप है कि फोन करने वाले ने धमकी देने के बाद कॉल काट दी। इसके बाद युवती की परेशानी और बढ़ गई थी।

     

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने युवती का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप कॉल, संदेश और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती को वास्तव में किसी साइबर अपराधी ने ब्लैकमेल किया था या उसके संपर्क में मौजूद किसी परिचित व्यक्ति की इसमें भूमिका थी।

     

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान के साथ-साथ उस यूपीआई खाते की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिसमें 15 हजार रुपये भेजे गए थे। डिजिटल लेनदेन की जानकारी जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है।

     

    परिवार की स्थिति भी इस घटना को और गंभीर बनाती है। युवती के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार में उसकी मां और पांच भाई-बहन हैं। युवती परिवार में दूसरे नंबर पर थी। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजन पूरे मामले की जांच तथा जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

     

    साइबर अपराध से जुड़े मामलों में अक्सर अपराधी फोन कॉल, सोशल मीडिया अकाउंट या निजी तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में धमकी के कारण पीड़ित व्यक्ति मानसिक दबाव में आ सकता है। पुलिस ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्यों के जरिए आरोपी तक पहुंचने का प्रयास करती है।

     

    बाराबंकी के इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि युवती को कॉल करने वाला व्यक्ति कौन था और उसका 15 हजार रुपये के भुगतान से क्या संबंध था। पुलिस ने दोनों पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल फोन और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

     

    पुलिस का मुख्य फोकस कथित ब्लैकमेलिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान, यूपीआई खाते के धारक का पता लगाने और युवती के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तव में साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग की क्या भूमिका थी।

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