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दीपावली पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 1.89 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी ₹1,500 करोड़ की सब्सिडी

  लखनऊ। दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी आर्थिक
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    लखनऊ। दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी आर्थिक राहत देने जा रही है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी राशि हस्तांतरित करेंगे। यह धनराशि लाभार्थियों के आधार प्रमाणित बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य त्योहार के समय गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रसोई गैस के खर्च से राहत देना है।

     

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में होली और दीपावली के अवसर पर लाभार्थियों को दो मुफ्त एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए कुल 2,142.78 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दीपावली के अवसर पर जारी की जा रही सब्सिडी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इससे राज्य के लगभग 1.89 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

     

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय, राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा और शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देने के साथ योजना के महत्व पर भी संबोधन कर सकते हैं।

     

    त्योहारों के दौरान घरों में भोजन तैयार करने और मेहमानों के स्वागत के कारण रसोई गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाती है। ऐसे समय में गैस सिलेंडर की कीमत परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी इस खर्च को कम करने में मदद करेगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में महिलाओं को इस सहायता से राहत मिलने की संभावना है।

     

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत स्वच्छ रसोई ईंधन को बढ़ावा देने और पारंपरिक ईंधन से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से की गई थी। लकड़ी, उपले और अन्य पारंपरिक ईंधनों के इस्तेमाल से घरों में धुआं जमा होता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव खाना बनाने वाली महिलाओं और बच्चों पर पड़ सकता है। एलपीजी के उपयोग से रसोई में धुएं का स्तर कम होता है और खाना बनाने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनती है।

     

    योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र लाभार्थियों के गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी होना और बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना आवश्यक है। लाभार्थियों को अपने पंजीकृत गैस कनेक्शन के माध्यम से सिलेंडर रिफिल बुक करना होता है। इंडेन, भारत गैस या हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता अपने संबंधित वितरक अथवा ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। सिलेंडर की डिलीवरी और भुगतान के बाद पात्रता के अनुसार सब्सिडी की राशि बैंक खाते में भेजी जाती है। लाभार्थियों को गैस बुकिंग की रसीद सुरक्षित रखने और बैंक खाते की स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है।

     

    सरकार का दावा है कि इस योजना से त्योहार के दौरान जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी और महिलाओं को स्वच्छ ईंधन के उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। दीपावली पर जारी होने वाली यह राशि प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बड़ी संख्या में परिवारों तक सीधे बैंक खातों के माध्यम से सहायता पहुंचाने से लाभ वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

     

    उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए दीपावली की यह सब्सिडी घरेलू खर्चों को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार की ओर से जारी राशि से पात्र परिवारों को रसोई गैस रिफिल का खर्च कम करने में मदद मिलेगी और त्योहार के अवसर पर आर्थिक राहत का लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचेगा।

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