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नालंदा में सकरी नदी का जर्जर पुल दो महीने से बंद, हजारों लोगों की बढ़ी परेशानी; वैकल्पिक मार्ग भी बदहाल

बिहार के नालंदा जिले में बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर स्थित सकरी नदी का एक जर्जर पुल लंबे समय से बंद होने
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बिहार के नालंदा जिले में बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर स्थित सकरी नदी का एक जर्जर पुल लंबे समय से बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पुल की खराब स्थिति को देखते हुए करीब दो महीने से इस पर आवागमन रोक दिया गया है। पुल बंद होने के कारण आसपास के कई गांवों के लोगों को आने-जाने के लिए लंबा और खराब वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

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    स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल आसपास के कई गांवों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम था। इसके जरिए ग्रामीण बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक आसानी से पहुंचते थे। पुल के बंद होने के बाद लोगों को अब दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। खासकर रोजाना काम के लिए आने-जाने वाले लोगों और छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पुल की स्थिति लंबे समय से खराब थी और इसकी मरम्मत की मांग लगातार की जा रही थी। लोगों के अनुसार, पुल पर आवागमन जारी रहने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से पुल को बंद कर दिया गया। हालांकि, पुल बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्ग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या और बढ़ गई है।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, वैकल्पिक सड़क भी कई स्थानों पर खराब स्थिति में है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है, जिससे छोटे वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी कठिनाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    पुल के बंद होने का असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार तक कृषि उत्पाद और अन्य सामान पहुंचाने वाले किसानों और छोटे कारोबारियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे परिवहन लागत बढ़ रही है और कई लोगों का समय भी अधिक खर्च हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि पुल की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल को पूरी तरह से बंद करने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम किया जाना चाहिए। यदि पुल की मरम्मत संभव नहीं है तो उसके स्थान पर नया पुल बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जानी चाहिए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े।

    ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन के कारण नदी के आसपास की स्थिति प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही और नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव से पुल की संरचना पर भी असर पड़ा हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल और सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच भी इससे प्रभावित हो रही है। छात्रों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने में अधिक समय लग रहा है, जबकि मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग को भी तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थानीय विकास की आधारशिला होती हैं। किसी प्रमुख पुल के लंबे समय तक बंद रहने से आसपास के गांवों की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी समाधान पर भी तेजी से काम किया जाना जरूरी है।

    प्रशासन की ओर से पुल की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराए जाने और आगे की कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। यदि जांच में पुल की मरम्मत संभव पाई जाती है तो निर्माण विभाग की ओर से आवश्यक कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, यदि पुल पूरी तरह से असुरक्षित पाया जाता है तो नए पुल के निर्माण की योजना तैयार करनी पड़ सकती है।

    सकरी नदी का पुल बंद होने से आसपास के ग्रामीणों की मुश्किलें जारी हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही उनकी समस्या का समाधान करेगा और पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास और रोजमर्रा की जिंदगी को सामान्य बनाने के लिए पुल का सुरक्षित और स्थायी समाधान जल्द होना बेहद जरूरी है।

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