Last updated: September 2nd, 2026 at 03:07 pm

राजधानी पटना में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और शहर की प्रमुख सड़क को अधिक सुगम बनाने के लिए बेली रोड के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार कैबिनेट ने नेहरू पथ यानी बेली रोड के डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक के हिस्से को चौड़ा करने के लिए करीब 39.8 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह मार्ग पटना के सबसे व्यस्त शहरी कॉरिडोर में शामिल है और रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इसका इस्तेमाल करते हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा के बीच सड़क की क्षमता बढ़ाने से संबंधित निर्माण और यातायात प्रबंधन के काम को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इस मार्ग पर कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय इलाकों के कारण पूरे दिन वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क चौड़ी होने से इस हिस्से में वाहनों के आवागमन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बेली रोड पटना के प्रमुख पूर्व-पश्चिम यातायात मार्गों में से एक है। यह शहर के केंद्रीय हिस्से को रुकनपुरा और आगे के इलाकों से जोड़ता है। डाकबंगला चौराहा भी पटना के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल है, जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में इस कॉरिडोर को चौड़ा करने का फैसला शहर की मौजूदा परिवहन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सड़क विस्तार परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य यातायात की क्षमता बढ़ाना है। पटना में आबादी और निजी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा है। व्यस्त मार्गों पर पीक आवर में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। सड़क की चौड़ाई और डिजाइन में सुधार होने के बाद संबंधित हिस्से में यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि, किसी व्यस्त शहरी सड़क के चौड़ीकरण का काम केवल सड़क की अतिरिक्त चौड़ाई उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होता। निर्माण के दौरान बिजली के खंभों, नालियों, फुटपाथ, डिवाइडर, पेड़-पौधों, भूमिगत सेवाओं और आसपास के यातायात को भी ध्यान में रखना पड़ता है। परियोजना को जमीन पर लागू करते समय इन सभी पहलुओं का समन्वय महत्वपूर्ण होगा।
डाकबंगला से रुकनपुरा तक का इलाका पटना के तेजी से विकसित हुए हिस्सों में आता है। बेली रोड के आसपास कई महत्वपूर्ण सरकारी और निजी संस्थान स्थित हैं। इसके अलावा यह मार्ग शहर के दूसरे प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सड़क की क्षमता बढ़ने से केवल स्थानीय निवासियों को ही नहीं, बल्कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले दूसरे यात्रियों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
बिहार सरकार पहले से ही पटना में शहरी परिवहन और सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। मेट्रो परियोजना के साथ-साथ प्रमुख सड़कों का विकास शहर के सार्वजनिक और निजी परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। बेली रोड का चौड़ीकरण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
परियोजना के लिए करीब 39.8 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभागों के सामने आगे की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। इसमें विस्तृत तकनीकी योजना, निर्माण की समयसीमा और यातायात व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को अंतिम रूप देना शामिल होगा। काम शुरू होने के दौरान यात्रियों को अस्थायी यातायात बदलावों का सामना भी करना पड़ सकता है, हालांकि इसकी अंतिम व्यवस्था संबंधित एजेंसियों द्वारा तय की जाएगी।
पटना में डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक बेली रोड को चौड़ा करने के लिए ₹39.8 करोड़ की मंजूरी राजधानी के सड़क बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण फैसला है। परियोजना पूरी होने के बाद इस प्रमुख कॉरिडोर की यातायात क्षमता बढ़ाने और रोजाना आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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