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बिहार में खुलेगा नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का कैंपस, केंद्र की मंजूरी से रंगमंच को मिलेगा नया मंच

बिहार में रंगमंच और कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में नेशनल
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बिहार में रंगमंच और कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का कैंपस स्थापित किया जाएगा। बिहार सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्य में NSD की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति जताई है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और इसे बिहार की सांस्कृतिक विरासत तथा युवा प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

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    नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा देश के प्रमुख रंगमंच प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। इसकी स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों और कलाकारों को अभिनय, निर्देशन, रंगमंच तकनीक, मंच सज्जा और थिएटर से जुड़े अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। बिहार में इसका कैंपस खुलने से राज्य के उन युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले रंगमंच प्रशिक्षण का अवसर मिल सकता है जो अभी बेहतर प्रशिक्षण के लिए दिल्ली या दूसरे बड़े शहरों का रुख करते हैं।

    बिहार की सांस्कृतिक पहचान लंबे समय से लोककला, नाटक, संगीत और साहित्य से जुड़ी रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लोकनाट्य और पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं की समृद्ध परंपरा मौजूद है। ऐसे में NSD का कैंपस इन स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर की रंगमंच शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    राज्य सरकार का मानना है कि इस संस्थान की स्थापना से बिहार के कलाकारों को अपने ही राज्य में प्रशिक्षण और नए अवसर मिल सकेंगे। थिएटर के साथ-साथ अभिनय, पटकथा, निर्देशन और मंच तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    बिहार में फिल्म और मनोरंजन उद्योग को लेकर भी पिछले कुछ वर्षों में रुचि बढ़ी है। राज्य के कई कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। NSD जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की मौजूदगी से अभिनय और थिएटर में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को औपचारिक प्रशिक्षण का विकल्प मिल सकता है।

    संस्थान की स्थापना से स्थानीय रंगमंच समूहों को भी फायदा होने की उम्मीद है। प्रशिक्षित कलाकारों और थिएटर विशेषज्ञों की उपलब्धता से राज्य में नाट्य प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ सकती है। इससे बिहार के पारंपरिक कला रूपों को आधुनिक रंगमंच तकनीक के साथ जोड़ने का अवसर भी मिल सकता है।

    हालांकि अभी NSD कैंपस के स्थान, निर्माण की समयसीमा, पाठ्यक्रम और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इन पहलुओं पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच आगे होने वाली बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसलिए फिलहाल विद्यार्थियों को प्रवेश से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए NSD या संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।

    बिहार में NSD की स्थापना का एक और संभावित लाभ सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में हो सकता है। राज्य में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत भी काफी समृद्ध है। राष्ट्रीय स्तर का रंगमंच संस्थान स्थापित होने से कलाकारों, प्रशिक्षकों और थिएटर से जुड़े लोगों की राज्य में आवाजाही बढ़ सकती है।

    इससे स्थानीय स्तर पर थिएटर फेस्टिवल, अभिनय कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। स्थानीय कलाकारों और संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों तथा प्रशिक्षकों के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है।

    बिहार के युवाओं के लिए यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कला और प्रदर्शन से जुड़े करियर के लिए अक्सर बड़े शहरों पर निर्भरता रहती है। यदि NSD का कैंपस पूरी तरह विकसित होता है तो राज्य के विद्यार्थियों को अपने घर के करीब उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा।

    सरकार के सामने अब इस घोषणा को जमीन पर उतारने की चुनौती होगी। संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान, आधारभूत ढांचा, प्रशिक्षित फैकल्टी और नियमित पाठ्यक्रम की व्यवस्था करना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि बिहार के स्थानीय कलाकारों और छात्रों को संस्थान का वास्तविक लाभ मिले।

    NSD कैंपस की स्थापना बिहार के सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए लंबे समय में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे राज्य में थिएटर शिक्षा का विस्तार होने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के नए अवसर मिल सकते हैं।

    बिहार में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का कैंपस स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया है। NSD की स्थापना से राज्य के युवाओं और कलाकारों को अभिनय, निर्देशन और रंगमंच से जुड़े क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर मिलने की उम्मीद है। कैंपस की जगह, निर्माण और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

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