Last updated: September 18th, 2026 at 02:46 pm

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक मजदूर का खून से लथपथ शव किराये के मकान में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर मुस्तफापुर निवासी 35 वर्षीय उपेंद्र पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसके चेहरे और आंखों के आसपास गंभीर चोट के निशान मिले हैं। घटना के बाद से उसकी पत्नी और दो बच्चे भी घर पर नहीं मिले हैं। पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ हत्या की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
मामला बैरिया चाणक्यपुरी रोड नंबर-6 स्थित एक किराये के मकान का है। उपेंद्र पासवान करीब ढाई महीने पहले ही यहां अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहने आया था। वह मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। मकान मालिक के अनुसार, परिवार ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कमरे में रहता था और मकान का मासिक किराया करीब 1,800 रुपये था। परिवार के यहां रहने के दौरान किसी बड़े विवाद की जानकारी मकान मालिक को नहीं थी।
शुक्रवार सुबह रोज की तरह एक दूधवाला मकान में दूध पहुंचाने आया। उसने पहले दूसरे किरायेदार को दूध दिया और इसके बाद उपेंद्र के कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने दरवाजा धक्का देकर खोला। कमरे के अंदर उपेंद्र का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद दूधवाले ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही अहियापुर थाने की पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मकान मालिक तथा आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने कमरे और आसपास के इलाके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार, मृतक की दोनों आंखों के आसपास गहरे जख्म मिले हैं। प्रारंभिक जांच में किसी नुकीली वस्तु से चोट पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है, लेकिन चोटों की वास्तविक प्रकृति और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल संभावित हथियार और घटना के कारण का अभी खुलासा नहीं किया है।
जांच में सबसे महत्वपूर्ण पहलू उपेंद्र की पत्नी और दोनों बच्चों का अचानक घर से गायब होना है। दोनों बच्चों की उम्र करीब छह और दस वर्ष बताई गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे कब और किन परिस्थितियों में घर से निकले। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उनके लापता होने और उपेंद्र की मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।
मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि पति-पत्नी के बीच कभी-कभी अनबन होने की जानकारी थी, लेकिन किसी गंभीर विवाद की शिकायत उनके पास नहीं आई थी। इसी कारण पुलिस पारिवारिक विवाद समेत कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की भी तलाश कर रही है। मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड से घटना से पहले उपेंद्र किन लोगों के संपर्क में था, इसकी जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय मकान में या उसके आसपास कौन-कौन मौजूद था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का चिकित्सकीय कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके साथ एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाएगा।
पुलिस ने हत्या के कारण या किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं रखा है। पत्नी और दोनों बच्चों की तलाश भी जारी है। जांचकर्ताओं का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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