Last updated: September 18th, 2026 at 02:43 pm

बिहार के समस्तीपुर में सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 32 वर्षीय महिला सिपाही मालती कुमारी की मौत के बाद शुक्रवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। महिला सिपाही को देर रात अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद साथी पुलिसकर्मी उन्हें सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद साथी पुलिसकर्मियों ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज में कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मालती कुमारी समस्तीपुर पुलिस लाइन स्थित रक्षित कार्यालय की निर्गत शाखा में तैनात थीं। वह वर्ष 2015 बैच की महिला सिपाही थीं और मूल रूप से रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के मल्हीपुर गांव की रहने वाली थीं। वर्तमान में वह समस्तीपुर में अपने दो छोटे बच्चों और मां के साथ पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में रहती थीं।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की देर रात करीब दो बजे मालती कुमारी के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद साथी पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
साथी पुलिसकर्मियों का आरोप है कि आईसीयू में पहुंचने के बाद तत्काल चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध नहीं थी। कुछ जवानों ने यह भी आरोप लगाया कि वहां डॉक्टर और आवश्यक कर्मचारी मौजूद नहीं थे तथा आईसीयू का एसी भी काम नहीं कर रहा था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अस्पताल की ओर से इलाज में लापरवाही के आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
बताया गया कि बाद में इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक आईसीयू पहुंचे और चिकित्सा कर्मियों को आवश्यक दवाएं देने के निर्देश दिए। इसके कुछ ही समय बाद मालती कुमारी की मौत हो गई। महिला सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही उनके साथी जवान बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने इलाज की व्यवस्था पर नाराजगी जताई और पूरे मामले की जांच की मांग की।
घटना की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इसके बाद अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य हुई।
मामले में चिकित्सकीय कारणों की जांच भी शुरू की गई है। पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित की गई और पोस्टमार्टम कराया गया। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला सिपाही की मौत किस चिकित्सकीय कारण से हुई और इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।
अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच के लिए मेडिकल स्तर पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मालती कुमारी की मौत से उनके परिवार और पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। उनके दो छोटे बच्चे और बीमार मां उनके साथ समस्तीपुर में रहते थे। पति गांव में खेती-बारी का काम करते हैं। अचानक हुई इस मौत के बाद परिवार के सामने भावनात्मक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल मौत के वास्तविक कारण और इलाज के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल जांच और अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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