Last updated: September 23rd, 2026 at 01:39 pm

उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित परिवहन व्यवस्था में एक नई सेवा की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। सहकारी मॉडल पर आधारित इस सेवा में टैक्सी, ऑटो और दोपहिया वाहन चालकों को जोड़ा जा रहा है। शुरुआती चरण में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भारत टैक्सी का संचालन शुरू किया गया है।
भारत टैक्सी की प्रमुख विशेषता इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। सेवा से जुड़ने वाले चालकों से राइड की कमाई पर प्लेटफॉर्म कमीशन नहीं लेने की व्यवस्था बताई गई है। इसके अलावा चालकों को पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा देने की घोषणा की गई है। सरकार के अनुसार, इस मॉडल का उद्देश्य ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था में भागीदार और सदस्य के रूप में जोड़ना है।
भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जाता है। केंद्र सरकार के अनुसार यह देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य निजी कैब एग्रीगेटरों को खत्म करना नहीं बल्कि यात्रियों और ड्राइवरों के लिए एक वैकल्पिक परिवहन मंच उपलब्ध कराना है। प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को ‘सारथी’ के रूप में जोड़ा जाता है और सहकारी व्यवस्था के तहत उन्हें आर्थिक भागीदारी देने की कोशिश की गई है।
उत्तर प्रदेश में सेवा के विस्तार के साथ टैक्सी के अलावा बाइक और ऑटो चालकों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग तरह के वाहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर ड्राइवरों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी को युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम बनाने की बात कही।
भारत टैक्सी के लिए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार के अनुसार प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर और वाहन के सत्यापन के बाद उन्हें जोड़ा जाता है। यात्रा का रिकॉर्ड रखा जाता है और यात्रियों के लिए SOS सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यात्री अपनी यात्रा की जानकारी परिवार के सदस्यों या अन्य भरोसेमंद संपर्कों के साथ साझा कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों के साथ समन्वय की व्यवस्था भी रखी गई है।
किराए को लेकर भी प्लेटफॉर्म पर एक पारदर्शी व्यवस्था अपनाने की बात कही गई है। केंद्र के अनुसार किराया तय करते समय राज्य परिवहन अधिकारियों, सारथियों और अन्य संबंधित पक्षों की राय को ध्यान में रखा जाता है। परिचालन लागत और स्थानीय परिवहन परिस्थितियों के आधार पर किराए में बदलाव किया जा सकता है। इस व्यवस्था में ड्राइवरों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी के लॉन्च के दौरान लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस के साथ समझौतों का भी उल्लेख किया गया। ऐसे समझौतों का उद्देश्य एयरपोर्ट, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए अंतिम चरण की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
भारत टैक्सी को केवल शहरों तक सीमित रखने की योजना नहीं है। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश में इसी तरह के सहकारी मॉडल पर ग्रामीण बस सेवा विकसित करने की बात भी सामने आई। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करना है। हालांकि ग्रामीण बस सेवा के विस्तृत संचालन कार्यक्रम और समयसीमा की जानकारी अलग से सामने आनी बाकी है।
केंद्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 के अंत तक भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर देशभर में 8.27 लाख ‘सारथी’ यानी ड्राइवर पंजीकृत थे। इनमें उत्तर प्रदेश से 21,621 ड्राइवर शामिल थे, जिनमें कैब, ऑटो और बाइक चालक शामिल हैं। अब राज्य में आधिकारिक लॉन्च के बाद सेवा का संचालन चार शहरों में और विस्तारित किया गया है।
भारत टैक्सी की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब ऐप आधारित कैब और ऑटो सेवाओं का इस्तेमाल शहरी परिवहन में तेजी से बढ़ा है। नए सहकारी मॉडल के जरिए ड्राइवरों की कमाई, सामाजिक सुरक्षा और भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों तक किस गति से होता है, यह परिचालन क्षमता, ड्राइवरों की उपलब्धता और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
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