Last updated: September 10th, 2026 at 03:39 pm

बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच के सिलसिले में दो फ्लैटों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई चित्रगुप्त नगर क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में की गई। एजेंसी ने एक ही परिसर में तीन दिनों के भीतर दूसरी बार तलाशी ली है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच टीम ने फ्लैटों से दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच की।
जानकारी के अनुसार, NIA की आठ सदस्यीय टीम साईं कुसुम इन्फिनिटी अपार्टमेंट पहुंची और फ्लैट नंबर 1206 तथा 609 की तलाशी ली। शुरुआती जानकारी में दोनों फ्लैट एक व्यक्ति के नाम पर किराए पर लिए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय पुलिस ने तलाशी अभियान में NIA की टीम को सहयोग किया। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है जिसमें एजेंसी रांची में हुए हमले से जुड़े संभावित लोगों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
रांची के निवारणपुर इलाके में RSS के क्षेत्रीय कार्यालय को निशाना बनाकर जून में पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, दो युवकों ने कार्यालय की ओर पेट्रोल बम फेंकने का प्रयास किया था। घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई। CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पटना में की गई ताजा कार्रवाई से पहले भी इसी अपार्टमेंट परिसर में NIA ने तलाशी ली थी। रिपोर्टों के अनुसार, पिछली कार्रवाई के दौरान एक युवक को रोककर पूछताछ की गई थी और लगभग 20 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई थी। इस नकदी की जानकारी आयकर विभाग को भी दी गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि बरामद रकम सीधे रांची RSS कार्यालय हमले से जुड़ी हुई थी। नकदी के स्रोत और उससे जुड़े पहलुओं की जांच अलग से की जा रही है।
ताजा तलाशी का एक अहम पहलू यह भी है कि NIA ने जिस व्यक्ति से जुड़े फ्लैटों की जांच की, वह रांची मामले की जांच में एजेंसी की नजर में आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में दिल्ली से एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर पटना में कार्रवाई की गई। हालांकि, किसी व्यक्ति का किसी स्थान से जुड़ा होना अपने आप में अपराध में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
तलाशी के दौरान NIA की टीम ने फ्लैटों में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, फ्लैट बंद होने के कारण टीम को प्रवेश के लिए दरवाजा खुलवाना पड़ा। स्थानीय पुलिस और STF के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। एजेंसी की ओर से तलाशी में मिले सभी सामान या दस्तावेजों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
रांची मामले की जांच में पटना का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि घटना से जुड़े लोगों के बीच कोई संपर्क, आर्थिक लेनदेन या अन्य कड़ी मौजूद थी या नहीं। NIA की कार्रवाई का उद्देश्य इन्हीं संभावित कड़ियों को सत्यापित करना और मामले से जुड़े डिजिटल या भौतिक साक्ष्य जुटाना बताया जा रहा है।
पटना में हुई इस कार्रवाई को रांची RSS कार्यालय हमले की चल रही जांच का हिस्सा माना जा रहा है। तलाशी के दौरान क्या-क्या महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले और उनका मामले से क्या संबंध है, इसकी पूरी तस्वीर NIA की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी इतना स्पष्ट है कि एजेंसी ने पटना में दो फ्लैटों की तलाशी ली है और रांची हमले से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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