Last updated: July 30th, 2026 at 05:00 pm

लखनऊ में IIM रोड बाईपास से जुड़ी सर्विस लेन के धंसने का मामला सामने आया है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के बीच हादसे का खतरा बढ़ गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क का निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही इसके एक हिस्से के धंसने की शिकायत सामने आई है। इस घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और काम की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
IIM रोड और इसके आसपास का इलाका लखनऊ के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से आवाजाही करते हैं। बाईपास और सर्विस लेन का इस्तेमाल स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहन चालक भी करते हैं। ऐसे में सड़क का धंसना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, सर्विस लेन का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के धंसने से वहां गड्ढा और असमान सतह बन गई है, जिसके कारण वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। खासकर रात के समय यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है, क्योंकि कम रोशनी में सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण का काम जल्दबाजी में पूरा किया गया और निर्माण की गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सड़क के नीचे की मिट्टी का बैठना, जल निकासी की समस्या, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता या सड़क निर्माण के दौरान उचित मानकों का पालन न होना इसके संभावित कारण हो सकते हैं।
सड़क निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी भी सड़क को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए मजबूत आधार तैयार करना, उचित सामग्री का इस्तेमाल करना और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था करना आवश्यक होता है। यदि इनमें से किसी स्तर पर कमी रह जाती है, तो सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उसके क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।
IIM रोड बाईपास की सर्विस लेन से जुड़ी घटना ने स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ा दी है कि यदि सड़क निर्माण के बाद इतनी जल्दी नुकसान सामने आ रहा है, तो भविष्य में इसकी स्थिति और खराब हो सकती है। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क धंसने के कारणों की जांच करे और जल्द से जल्द मरम्मत का काम कराया जाए।
सड़क की स्थिति खराब होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सर्विस लेन पर बने गड्ढे के कारण वाहन अचानक धीमे हो सकते हैं या उन्हें क्षतिग्रस्त हिस्से से बचने के लिए दूसरी दिशा में जाना पड़ सकता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना की संभावना भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क निर्माण के बाद उसकी नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना निर्माण कार्य। यदि किसी सड़क पर शुरुआती चरण में ही धंसने या दरार जैसी समस्या दिखाई देती है, तो उसे तुरंत ठीक करना जरूरी होता है। समय पर मरम्मत नहीं होने पर पानी सड़क के नीचे पहुंच सकता है और नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।
लखनऊ में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के कारण नई सड़कों और बाईपास का निर्माण लगातार किया जा रहा है। ऐसे में सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बेहतर सड़क व्यवस्था न केवल यातायात को आसान बनाती है, बल्कि शहर के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में जनता के पैसे का इस्तेमाल होता है, इसलिए काम की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यदि सड़क निर्माण में तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
IIM रोड बाईपास की सर्विस लेन के धंसने की घटना के बाद सड़क की स्थिति स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और मरम्मत की कार्रवाई का इंतजार है। सड़क के धंसने के वास्तविक कारण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी है या किसी अन्य तकनीकी कारण से।
लखनऊ के इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए सर्विस लेन की सुरक्षित और बेहतर स्थिति बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा जल्द कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
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