Last updated: June 30th, 2026 at 07:02 pm

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार विस्तार मिल रहा है। इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रीस से भारत के लिए UPI आधारित अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर सेवा शुरू कर दी गई है। इस नई सुविधा के लागू होने से ग्रीस में रहने वाले भारतीय नागरिक, छात्र, पेशेवर और कारोबारी अब पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से भारत में पैसे भेज सकेंगे।
यह सेवा NPCI International Payments Limited (NIPL) और ग्रीस के प्रमुख बैंक Eurobank के सहयोग से शुरू की गई है। दोनों संस्थाओं का उद्देश्य सीमा पार भुगतान को सरल बनाना और भारतीय समुदाय को आधुनिक डिजिटल भुगतान का लाभ उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पिछले कुछ वर्षों में UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान की तस्वीर बदल दी है। आज देश में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक करोड़ों लोग UPI के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं। इसकी सफलता को देखते हुए भारत सरकार और एनपीसीआई इंटरनेशनल लगातार विभिन्न देशों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, ताकि भारतीय नागरिक विदेशों में भी इसी तरह की सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
नई सेवा के तहत ग्रीस में रहने वाले भारतीय अपने बैंकिंग चैनलों के माध्यम से भारत में परिवार, रिश्तेदारों या अन्य लाभार्थियों को तेजी से धन भेज सकेंगे। पहले जहां अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर में अधिक समय और अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लग सकता था, वहीं नई व्यवस्था से लेनदेन की प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान प्रणालियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे समय में भारत का UPI मॉडल कई देशों के लिए एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है। इसकी सरलता, कम लागत और तेज लेनदेन क्षमता ने इसे दुनिया की सबसे सफल रियल-टाइम भुगतान प्रणालियों में शामिल कर दिया है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार केवल प्रवासी भारतीयों के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के व्यापार, पर्यटन और निवेश के लिए भी लाभकारी साबित होगा। भविष्य में अधिक देशों के जुड़ने से सीमा पार भुगतान और आसान हो जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों और वैश्विक व्यापार को भी फायदा मिलेगा।
सरकार लगातार डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है। UPI की पहुंच अब कई देशों तक बढ़ चुकी है और आने वाले समय में इसे और अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे भारतीय फिनटेक क्षेत्र को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सीमा पार भुगतान को सरल और तेज बनाना वैश्विक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। UPI जैसी तकनीक इस दिशा में प्रभावी समाधान प्रदान कर रही है। यही कारण है कि कई देश भारत के डिजिटल भुगतान मॉडल में रुचि दिखा रहे हैं और तकनीकी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।
ग्रीस से भारत के लिए UPI आधारित मनी ट्रांसफर सेवा की शुरुआत को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि अधिक देशों में इसी तरह की सेवाएं शुरू होती हैं, तो भारतीय नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।
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