Last updated: July 5th, 2026 at 07:21 am

भरत तिवारी प्रकरण को लेकर बिहार की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी रविवार को बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और सरकार की ओर से निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
गांव रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इस घटना को जातीय या राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
अशोक चौधरी ने इस दौरान उपमुख्यमंत्री *सम्राट चौधरी* का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी राजनीतिक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक चूक हुई है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी, लेकिन बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाना सही नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार सभी वर्गों के लोगों के साथ समान संवेदनशीलता से खड़ी है और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भरत तिवारी मामले में सामने आए विभिन्न दावों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि जिस रिवॉल्वर को लेकर चर्चा हो रही है, उसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
अशोक चौधरी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने दोहराया कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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