Last updated: July 5th, 2026 at 07:28 am

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रविवार को अपना 30वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम एक विस्तृत संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि राजद की स्थापना केवल चुनावी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी।
अपने संदेश में लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पिछले तीन दशकों में पार्टी ने गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और संघर्ष की बदौलत राजद आज भी बिहार की प्रमुख राजनीतिक ताकतों में शामिल है।
राजद अध्यक्ष ने विकास की अपनी अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल बड़े निर्माण कार्यों को विकास नहीं कहा जा सकता, बल्कि वास्तविक विकास तब माना जाएगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और अवसरों का लाभ पहुंचे। उन्होंने मजदूरों, किसानों और श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार को विकास की असली कसौटी बताया।
अपने संबोधन में लालू प्रसाद यादव ने समाजवादी विचारधारा का उल्लेख करते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को पार्टी की प्रेरणा बताया।
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात पर भी टिप्पणी करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक ताकतों के एकजुट होने की आवश्यकता जताई। साथ ही कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझें और उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ें।
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि आने वाला समय बिहार और देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि राजद आगे भी सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने बिहार की जनता, पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम रखा गया।
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