Last updated: July 8th, 2026 at 12:14 pm

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी में कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके बारे में जांच एजेंसियों का कहना है कि वे पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और दिल्ली में पेट्रोल बम हमलों समेत अन्य हिंसक वारदातों की योजना बना रहे थे। मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई दिनों तक चली खुफिया निगरानी और तकनीकी जांच के बाद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उन्होंने राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी और उन स्थानों के वीडियो भी तैयार किए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर शाहजाद भट्टी का नेटवर्क सक्रिय था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर राजधानी के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस प्रतिष्ठानों की रेकी की थी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या उनका उद्देश्य केवल पेट्रोल बम हमले करना था या किसी बड़े आतंकी हमले की भी योजना बनाई जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए कई केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है।
घटना के बाद दिल्ली के रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, बाजारों, सरकारी भवनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और कई स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को इसकी जानकारी दें।
राजनीतिक स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को सफल नहीं होने दिया जाएगा। वहीं विपक्षी नेताओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन करते हुए मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है ताकि यदि कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है तो उसका पूरी तरह खुलासा किया जा सके।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क अब सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और संगठित अपराध गिरोहों के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित बड़े खतरे को टाला जा सकता है।
सभी छह आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके वित्तीय लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड तथा डिजिटल गतिविधियों की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएंगे। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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