Last updated: July 9th, 2026 at 06:12 am

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है। अंकारा में नाटो नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुटे ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का हमला परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक था।
मार्क रुटे ने कहा कि यदि किसी संघर्ष में युद्धविराम लागू हो और कोई पक्ष उसका उल्लंघन करे, तो जवाबी कार्रवाई करना उचित माना जा सकता है। उनके अनुसार, अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई इसी संदर्भ में की गई।
यह बयान ऐसे समय आया है जब इससे पहले नाटो लगातार यह स्पष्ट करता रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष नाटो का युद्ध नहीं है। ऐसे में महासचिव का यह रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
हालिया घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हुए हमलों और उसके बाद अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार की रक्षा के लिए की गई।
वहीं, नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड और यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को लेकर भी सहयोगी देशों को संदेश दिया था। इसके बाद मार्क रुटे के बयान को कई विश्लेषक नाटो और अमेरिका के बीच रणनीतिक समन्वय के संदर्भ में भी देख रहे हैं।
हालांकि, ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आगे की कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
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