Last updated: July 11th, 2026 at 11:46 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान लगातार अहम कूटनीतिक बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को उन्होंने न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद वहां के विपक्ष के नेता क्रिस हिपकिंस से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों, लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग 40 वर्षों बाद न्यूज़ीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बातचीत के बाद भारत-न्यूज़ीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप 2030 की घोषणा की। इस रोडमैप का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, विज्ञान, कृषि और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देना है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को भी द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड का संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और लोगों के बीच मजबूत रिश्तों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के कारोबार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड के विपक्ष के नेता क्रिस हिपकिंस से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संसदीय सहयोग, शिक्षा, भारतीय समुदाय की भूमिका और भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सभी राजनीतिक दलों के साथ सकारात्मक संवाद को महत्व देता है और दोनों लोकतंत्रों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
इस यात्रा के दौरान भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा मिली। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच यह साझेदारी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में रहने वाला भारतीय समुदाय भारत की सबसे बड़ी ताकत है और वह भारत की संस्कृति, परंपरा और विकास की कहानी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच लोगों के आपसी संबंध दोनों देशों की साझेदारी की मजबूत नींव हैं।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट और इंडो-पैसिफिक रणनीति को और मजबूती देगा। आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में हुए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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