Last updated: July 14th, 2026 at 06:16 am

राजधानी पटना के चर्चित बंटी हत्याकांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात तीन सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और एक गृह रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक विभागीय जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद की गई।
निलंबित किए गए कर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह तथा गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। सभी को निलंबन अवधि में नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना में योगदान देने और तीन दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
घटनास्थल के पास मौजूद थी पुलिस
विभागीय जांच के अनुसार, 6 जुलाई की रात जब बंटी कुमार के अपहरण की घटना हुई, उस समय डायल-112 और गश्ती दल में शामिल ये पुलिसकर्मी घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस को घटना की जानकारी नहीं मिली और समय पर कोई हस्तक्षेप नहीं हो सका। इसी आधार पर इसे ड्यूटी में गंभीर लापरवाही माना गया।
पांच दिन बाद मिला था शव
बंटी कुमार का कथित तौर पर पटना जंक्शन इलाके से अपहरण किया गया था। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को तत्काल सूचना देने और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का दावा किया था। हालांकि, करीब पांच दिनों बाद अथमलगोला क्षेत्र से उनका शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, शव की पहचान छिपाने की भी कोशिश की गई थी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस शुरुआती सूचना मिलने के बाद तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करती, तो बंटी की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि बंटी कथित अवैध गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच जारी, पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में अपराधियों की तलाश के साथ-साथ पुलिस की भूमिका की भी विभागीय जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य स्तर पर भी लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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