Last updated: July 15th, 2026 at 01:32 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य में औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निवेशकों की सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेश प्रस्तावों को जल्द धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं, औद्योगिक पार्कों, लॉजिस्टिक हब और निवेश प्रस्तावों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और अनेक निवेश प्रस्ताव निर्माण के चरण में पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में भूमि आवंटन, पर्यावरणीय स्वीकृति या अन्य प्रशासनिक कारणों से देरी हो रही है, उनका शीघ्र समाधान किया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों और मजबूत आधारभूत ढांचे के कारण निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उद्योगों को सभी आवश्यक सरकारी सेवाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नए निवेशकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं के रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नई औद्योगिक परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने से विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, परिवहन और लघु उद्योगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि निवेशकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए आवश्यक बिजली, सड़क, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए। उन्होंने निवेश परियोजनाओं की मासिक समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक नीति और आधारभूत ढांचे के विस्तार से राज्य में नए उद्योग स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत निवेश परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण गति मिल सकती है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में औद्योगिक निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने और निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया।
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