Last updated: July 16th, 2026 at 11:25 am

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी के कई विधायक साथ आने को तैयार हैं, लेकिन भाजपा मौजूदा सरकार को गिराकर सत्ता हासिल करने के पक्ष में नहीं है।
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा किसी भी तरह की राजनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए सरकार नहीं बनाना चाहती। उनका कहना था कि यदि पार्टी भविष्य में सरकार बनाएगी तो वह केवल जनता के स्पष्ट जनादेश के आधार पर ही बनेगी, न कि विधायकों के समर्थन से सरकार गिराकर।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से जुड़े जिन प्रमुख मुद्दों पर पहले फैसले लिए गए थे, उन्हें अब प्रदेश की मौजूदा सरकार भी स्वीकार करती दिखाई दे रही है। शर्मा के मुताबिक, अनुच्छेद 370 की वापसी, अनुच्छेद 35ए और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े संगठनों पर सरकार का रुख भाजपा की नीति के अनुरूप ही रहा है।
सुनील शर्मा ने कहा कि यदि इन मुद्दों पर सरकार पहले से ही उसी दिशा में काम कर रही है, तो भाजपा को सरकार बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कोई राजनीतिक कैदी नहीं है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है।
20 जुलाई को प्रस्तावित भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है, आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने का भी मुद्दा उठाया।
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और सचिवालय का घेराव कर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी।
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