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बांकीपुर उपचुनाव में BJP को बड़ा झटका, उम्मीदवार अभिषेक बंटी ने वापस लिया नामांकन; नए चेहरे की तलाश शुरू

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है।
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बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी ने चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस फैसले की जानकारी उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र लिखकर दी।

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    अभिषेक बंटी ने कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहले की तरह संगठन के लिए काम करते रहेंगे।

    पारिवारिक कारणों का दिया हवाला

    सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बंटी ने पार्टी नेतृत्व को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनावी मैदान से हटने का निर्णय बताया है। उन्होंने पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भी अपने फैसले की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि उन्होंने एक दिन पहले ही बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था।

    बीजेपी के सामने नए उम्मीदवार की चुनौती

    अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के बाद बीजेपी को अब कम समय में नया उम्मीदवार घोषित करना होगा। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित है। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं अभिषेक बंटी

    अभिषेक बंटी को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन का करीबी माना जाता है। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में प्रदेश उपाध्यक्ष सहित संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पिछले करीब 20 वर्षों से वह पटना और बांकीपुर क्षेत्र में पार्टी संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।

    नामांकन में जुटे थे कई बड़े नेता

    अभिषेक बंटी के नामांकन के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसके बाद आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य नेताओं ने उनके समर्थन में प्रचार भी किया था। अब उनके चुनावी मैदान से हटने के बाद बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति और नए उम्मीदवार के चयन पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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