Last updated: July 16th, 2026 at 12:08 pm

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने राजधानी में सक्रिय एक कथित रंगदारी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया का भाई है और उस पर गैंग के नाम पर एक कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद गैंग के आर्थिक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार मामला तब सामने आया जब एक रियल एस्टेट कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे लगातार फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से धमकियां दी जा रही थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैंग के लिए कथित रूप से काम कर रहा था। पुलिस का दावा है कि वह कारोबारी पर दबाव बनाने और रंगदारी वसूलने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। इसके बाद अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि क्या आरोपी लंबे समय से गैंग को गोपनीय सूचनाएं या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध करा रहा था। इसके अलावा उसके वित्तीय लेन-देन, संपर्कों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि राजधानी में संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल के महीनों में कई गैंगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और रंगदारी, अवैध वसूली तथा हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों में लगातार गिरफ्तारी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों के भीतर यदि किसी कर्मचारी की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता मजबूत होती है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संगठित अपराध और रंगदारी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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