Last updated: July 16th, 2026 at 12:14 pm

राजधानी दिल्ली की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने सड़क मरम्मत की नई ‘स्प्रे-इंजेक्शन पैचिंग’ तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक तकनीक से सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बरसात के मौसम में खराब होने वाली सड़कों को जल्द ठीक करना, यातायात बाधित होने से बचाना और लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है.
अधिकारियों के अनुसार इस मशीन में विशेष तकनीक के माध्यम से गड्ढे को पहले साफ किया जाता है और फिर उच्च दबाव से बिटुमेन तथा स्टोन चिप्स का मिश्रण भरकर उसे तुरंत सील कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में पारंपरिक मरम्मत की तुलना में काफी कम समय लगता है। विभाग का दावा है कि कई छोटे गड्ढों की मरम्मत कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है, जिससे यातायात पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
दिल्ली सरकार ने बताया कि शुरुआती चरण में इस तकनीक का उपयोग राजधानी की प्रमुख सड़कों और अधिक यातायात वाले मार्गों पर किया जा रहा है। यदि इसके परिणाम संतोषजनक रहते हैं तो आने वाले समय में इसे अन्य सड़कों पर भी लागू किया जाएगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बरसात के दौरान सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और नई तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान सड़कें सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। लगातार बारिश के कारण गड्ढे बनने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और यातायात भी प्रभावित होता है। नई तकनीक अपनाने का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। विभाग ने सड़क निरीक्षण के लिए विशेष टीमों का भी गठन किया है, जो नियमित रूप से सड़कों की स्थिति की निगरानी करेंगी।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क मरम्मत समय पर की जाए तो दुर्घटनाओं की संख्या कम हो सकती है और ट्रैफिक जाम की समस्या भी घटेगी। उनका कहना है कि आधुनिक मशीनों के उपयोग से मरम्मत की गुणवत्ता बेहतर होती है और सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रहती है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।
सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी सड़क पर बड़ा गड्ढा दिखाई दे तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग या हेल्पलाइन के माध्यम से दें। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा और यथाशीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी।
नई ‘स्प्रे-इंजेक्शन पैचिंग’ तकनीक के माध्यम से सड़क मरम्मत का कार्य राजधानी के विभिन्न हिस्सों में शुरू हो चुका है। सरकार को उम्मीद है कि इससे सड़क रखरखाव की प्रक्रिया अधिक तेज, प्रभावी और टिकाऊ बनेगी तथा दिल्लीवासियों को सुरक्षित और बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
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