Last updated: July 16th, 2026 at 12:24 pm

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले में जिला प्रशासन ने परिसर के 38 कमरों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण को स्वीकृत मानकों और नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है। मामले को लेकर जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में किए गए कुछ निर्माणों की जांच के दौरान कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित विभागों ने संयुक्त निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के आधार पर जिन भवनों या कमरों को नियमों के विपरीत पाया गया, उनके विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय और संबंधित प्राधिकरणों के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। संबंधित विभागों को सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों की उपलब्धता और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहेगा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही कार्रवाई है और इसका उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून के सामने सभी समान हैं और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निर्माण को हटाने से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देना आवश्यक होता है। यदि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित पक्ष के पास न्यायालय में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रहता है।
स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की है। साथ ही यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी विशेष योजना बनाई गई है।
जिला प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया है कि प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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