Last updated: July 19th, 2026 at 11:36 am

बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इस सत्र को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहली बार सदन में सरकार का पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष भी कई अहम जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
अनुपूरक बजट और कई अहम विधेयक होंगे पेश
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों पर भी चर्चा और उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पूरे सत्र के दौरान सरकारी कार्यों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे सदन के सामने रखे जाएंगे।
विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से करेगा सवाल
सत्र के दौरान विपक्ष कानून-व्यवस्था, महंगाई, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध, टेंडर व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि सदन के भीतर इन विषयों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था के किए गए विशेष इंतजाम
मानसून सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और डॉग स्क्वायड सहित सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की जांच पूरी कर ली है, ताकि सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
विपक्ष की रणनीति पर भी नजर
सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष की रणनीति और नेतृत्व को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इस बीच सत्ता पक्ष विपक्ष की तैयारियों और उसके नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं, विपक्ष सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। बिहार की राजनीति के लिहाज से यह मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों और राजनीतिक टकराव का गवाह बन सकता है।
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