Last updated: July 21st, 2026 at 03:25 pm

बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद सुनील सिंह ने पड़ोसी राज्यों की तुलना में बिहार में ईंधन के अधिक दाम होने पर सरकार से जवाब मांगा और इसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
सदन में बोलते हुए सुनील सिंह ने कहा कि बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसपास के कई राज्यों से अधिक हैं। उनका दावा था कि महंगे ईंधन की वजह से राज्य के उपभोक्ताओं पर हर महीने करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से ईंधन की कीमतों में राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस मुद्दे पर सदन में मंत्री और सुनील सिंह के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। आरजेडी नेता ने कहा कि बिहार जैसे राज्य में ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
ईंधन की कीमतों के अलावा सुनील सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित होल्डिंग टैक्स का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे गांवों में रहने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने इस नियमावली को जनविरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
सुनील सिंह ने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और राज्य की प्रति व्यक्ति आय अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में ग्रामीण परिवारों पर नए करों का बोझ डालना उचित नहीं होगा। उन्होंने सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।
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