Last updated: July 21st, 2026 at 04:55 pm
PM walkthrough of Terminal Building of Noida International Airport, Jewar in Uttar Pradesh on March 28, 2026.उत्तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर राज्य सरकार ने निर्माण और उससे जुड़ी तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सरकार का कहना है कि यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
परियोजना की समीक्षा के दौरान एयरपोर्ट के निर्माण कार्य के साथ-साथ उससे जुड़ी आधारभूत संरचनाओं पर भी चर्चा की गई। इनमें सड़क कनेक्टिविटी, यातायात व्यवस्था, बिजली और पानी की उपलब्धता, सुरक्षा इंतजाम तथा यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। अधिकारियों से कहा गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि किसी भी स्तर पर देरी के कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित न हो।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, पर्यटन और सेवा क्षेत्र से जुड़े नए कारोबार विकसित होने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार की योजना एयरपोर्ट के आसपास एक मजबूत आर्थिक और औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की है।
परियोजना के कारण जेवर और आसपास के क्षेत्रों में भूमि और रियल एस्टेट गतिविधियों में भी तेजी देखी जा रही है। कई कंपनियां एयरपोर्ट के आसपास निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा के केंद्र नहीं होते, बल्कि उनके आसपास आर्थिक गतिविधियों का एक व्यापक नेटवर्क विकसित होता है। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। सरकार का कहना है कि परियोजना को समय पर पूरा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।
एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर भी सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। सड़क और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट की सफलता के लिए केवल टर्मिनल का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि यात्रियों और माल की आवाजाही के लिए मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क भी जरूरी है।
औद्योगिक विशेषज्ञों के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता को मजबूती मिल सकती है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और निर्यात से जुड़े उद्योगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। एयर कार्गो सुविधाओं के विकसित होने से निर्यातकों और व्यापारिक कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है।
फिलहाल राज्य सरकार परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्माण से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम करें। सरकार का लक्ष्य है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द से जल्द परिचालन के लिए तैयार किया जाए और इसे क्षेत्र के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।
परियोजना पूरी होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। अब आने वाले समय में निर्माण कार्य की गति और संबंधित आधारभूत ढांचे के विकास पर सभी की नजर रहेगी। सरकार की ओर से समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश के बाद उम्मीद है कि परियोजना से जुड़े कार्यों में और तेजी आएगी।
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