Last updated: July 22nd, 2026 at 08:39 am

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठा। विपक्षी दलों ने इन मामलों पर सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। लगातार हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और इसे छात्रों के समर्थन तथा पुलिस कार्रवाई के विरोध का प्रतीक बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की।
लोकसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों के साथ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की और कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।
वहीं कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की चिंताओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET और अन्य शिक्षा संबंधी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है तथा विपक्ष को बहस में हिस्सा लेना चाहिए।
लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा, जिसके बाद सदन को फिर स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी विपक्ष ने इसी मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे वहां की कार्यवाही भी बाधित रही।
इस बीच कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद यह मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद तक पहुंच गया है और विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
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