Last updated: July 22nd, 2026 at 08:54 am

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब बिहार की राजधानी पटना में भी सुनाई दी। बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राजभवन मार्च निकाला।
प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से हुई, जहां से छात्र जेपी गोलंबर की ओर बढ़े। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प भी हुई। जानकारी के अनुसार, गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा इस दौरान घायल हो गए।
यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। छात्रों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की त्वरित जांच और निजीकरण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। साथ ही दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी यह मार्च निकाला गया।
छात्रों की प्रमुख मांगें
पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक जांच
शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर रोक
शिक्षा के निजीकरण का विरोध
UG, PG और PhD की बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग
पिछड़े वर्ग के शोधार्थियों के लिए नॉन-नेट फेलोशिप लागू करना
7.5 CGPA की अनिवार्यता समाप्त करना
बिहार के छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच
पटना विश्वविद्यालय अधिनियम में प्रस्तावित बदलाव का विरोध
छात्र संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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